News: मीडिया भी दे अपनी ‘खबर’


मीडिया का पूरा व्यापार भरोसे पर टिका है लेकिन जिस तरह से मीडिया के आचरण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, वैसी स्थिति में एक रास्ता ये है कि पारदर्शिता के दरवाजे थोड़े खोले जाएं. जिस तरह से देश में संसदीय लोकतंत्र के तीनों स्तंभों पर सूचना का अधिकार कानून लागू होता है, क्या चौंथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया संस्थानों पर इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए? पत्रकार अनिल चमड़िया का विश्लेषण.
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