Miscellaneous: थैंक यू अंकल


मदालसा उठी और किसी के उठने से पहले तैयार हो गई. लेकिन दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दुर्घटना ने मदालसा के मन को क्षतिग्रस्त कर दिया. लेकिन इसका असर सीधे उसके दिमाग पर पड़ा. उसे देर तक ऐसा लगता रहा कि अपने बदन के सारे कपड़े वह भारतीय रेल के दूसरे दर्जे के शयनयान के उस संडास में छोड़कर वैसे ही बाहर निकल आई है.
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