LetsDiscuss: चुनाव आकलन का नमक


इस चुनाव में सर्वेक्षण कराने वाली कंपनियां पार्टियों को वही कह रही हैं, जो वे सुनना चाह रहे हैं. यहां बांसुरी वाला सिद्धांत काम आता है- जो पैसे देगा, उसी के लिए बांसुरी बजायी जायेगी. ऐसे में संख्या का खेल खेलने वाले क्लाइंट को निराश नहीं करना चाह रहे और मांग के हिसाब से व्याख्या कर रहे हैं. परिणामों के बाद वैसे भी किसी को कुछ भी याद नहीं रहता. एम जे अकबर का विश्लेषण.
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