LetsDiscuss: थियेटर करने का एक सामाजिक कारण होना चाहिए-प्रस ्ना


प्रसन्ना रंगमंच के भारतीय मानचित्र पर संभवत: सबसे चितंनशील शख्सीयत के रुप में जाने जाते हैं. उन्होंने न सिर्फ अपने थियेटर से बल्कि थियेटर,समाज व राजनीति से संबंधित अपने विचारों से भी एक बिल्कुल खास पहचान बनायी है. प्रसन्ना से यह बातचीत मार्च 2001 में पटना की गई थी. जाहिर है, रंगमंच और दुनिया के दृश्य पर तब से अब तक बहुत कुछ बदल चुका है. लेकिन इस बातचीत के सवाल लगातार प्रासंगिक बने हुए हैं. यहां पेश है अनीश अंकुर से उनकी बातचीत.
discuss | tags: theatre social raviwar hindi all | category: LetsDiscuss | Content type: Text/Pictures | Add this link to... | tell a friend | bakwaas

comments


To login and comment on this story register here .

See Also

who voted for this link