छत्तीसगढ़ के करीब 60 प्रतशित कृषक परिवार दो हेक्टेयर से कम जमीन के मालिक है एवं यह ज्यादातर एक फसली है. फलस्वरूप कृषि कार्य से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती है. ऐसे में बड़ी संख्या में कृषक खेती बारी छोड़कर अन्य कृषकों को अपनी जमीन मुनाफे या भाग से दे देते है एवं खुद या तो पलायन कर जाते है और नहीं तो बीड़ी बनाकर जीवन यापन करते है. परंतु बीड़ी बनाने का काम ही क्यों और कुछ क्यों नहीं. इंदौर से राहुल बैनर्जी का विश्लेषण
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